Popular:
सामवेद

Chapter / Prapathak 3 • Dashati / Sukta 7 • Mantra 9

Samaveda (सामवेद)

सामवेद • प्रपाठक / अध्याय 3 • दशती / सूक्त 7 • मन्त्र 9

3.7.9

Mantra ID: 3.7.9

युङ्क्ष्वा हि वृत्रहन्तम हरी इन्द्र परावतः । अर्वाचीनो मघवन्त्सोमपीतय उग्र ऋष्वेभिरा गहि ॥ (९)

卐

HinduText AI से इस वैदिक मन्त्र का अर्थ समझें

सामवेद मन्त्र 3.7.9 का विस्तृत भावार्थ एवं वैदिक रहस्य

卐 AI से समझें

हि हिन्दी अनुवाद (Hindi Translation)

हे इंद्र! आप वृत्रासुर का नाश करने वाले हैं. आप अपने हरि नामक घोड़े को रथ में जोतिए. आप धनवान व बलवान हैं. आप सुंदर मरुद्गणों के साथ स्वर्गलोक से यहां पधारिए. (९)

EN English Translation

O Indra! You are going to destroy Vritrasura. You plough your horse named Hari in the chariot. You are rich and strong. You come here from heaven with beautiful deserts. (9)

卐 HinduText AI