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सामवेद

Chapter / Prapathak 3 • Dashati / Sukta 9 • Mantra 10

Samaveda (सामवेद)

सामवेद • प्रपाठक / अध्याय 3 • दशती / सूक्त 9 • मन्त्र 10

3.9.10

Mantra ID: 3.9.10

अपूर्व्या पुरुतमान्यस्मै महे वीराय तवसे तुराय । विरप्शिने वज्रिणे शन्तमानि वचाँस्यास्मै स्थविराय तक्षुः ॥ (१०)

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सामवेद मन्त्र 3.9.10 का विस्तृत भावार्थ एवं वैदिक रहस्य

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हि हिन्दी अनुवाद (Hindi Translation)

हे इंद्र! आप महान वीर व बलवान हैं. आप जल्दी काम करने वाले हैं. आप पूजनीय व वज्रधारी हैं. आप के लिए यजमान बहुत सी सुखदायी स्तुतियां गा रहे हैं. (१०)

EN English Translation

O Indra! You are great brave and strong. You are going to work quickly. You are revered and vajradhari. The host is singing many happy praises for you. (10)

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