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सामवेद

Chapter / Prapathak 4 • Dashati / Sukta 6 • Mantra 7

Samaveda (सामवेद)

सामवेद • प्रपाठक / अध्याय 4 • दशती / सूक्त 6 • मन्त्र 7

4.6.7

Mantra ID: 4.6.7

त्वं न इन्द्रा भर ओजो नृम्णँ शतक्रतो विचर्षणे । आ वीरं पृतनासहम् ॥ (७)

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सामवेद मन्त्र 4.6.7 का विस्तृत भावार्थ एवं वैदिक रहस्य

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हि हिन्दी अनुवाद (Hindi Translation)

हे इंद्र! आप सैकड़ों कर्म करने वाले व विलक्षण हैं. आप हमें बलवान बनाइए. आप हमें वैभव व वीर पुत्र प्रदान करने की कृपा कीजिए. (७)

EN English Translation

O Indra! You are a hundreds of deeds and extraordinary. You make us strong. Please give us glory and brave sons. (7)

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