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4.7.9
चन्द्रमा अप्स्वा३न्तरा सुपर्णो धावते दिवि । न वो हिरण्यनेमयः पदं विन्दन्ति विद्युतो वित्तं मे अस्य रोदसी ॥ (९)
HinduText AI से इस वैदिक मन्त्र का अर्थ समझें
सामवेद मन्त्र 4.7.9 का विस्तृत भावार्थ एवं वैदिक रहस्य
हि हिन्दी अनुवाद (Hindi Translation)
चंद्र अंतरिक्ष में अपनी किरणों के साथ गतिशील हैं. सूर्य की किरणें सुनहरी और चमकीली हैं. हमारी इंद्रियां उन्हें नहीं पकड़ सकती. हे स्वर्गलोक! व पृथ्वीलोक! आप हमारी प्रार्थना स्वीकार कीजिए. (९)
EN English Translation
The moons are moving with their rays in space. The sun's rays are golden and bright. Our senses cannot catch them. O paradise! And the earth! You accept our prayer. (9)