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सामवेद

Chapter / Prapathak 5 • Dashati / Sukta 2 • Mantra 9

Samaveda (सामवेद)

सामवेद • प्रपाठक / अध्याय 5 • दशती / सूक्त 2 • मन्त्र 9

5.2.9

Mantra ID: 5.2.9

परि स्वानास इन्दवो मदाय बर्हणा गिरा । मधो अर्षन्ति धारया ॥ (९)

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सामवेद मन्त्र 5.2.9 का विस्तृत भावार्थ एवं वैदिक रहस्य

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हि हिन्दी अनुवाद (Hindi Translation)

सोमरस निचोड़ने के बाद पवित्र प्रार्थनाओं से यजमान स्तुति करते हुए धारा में बांध कर उसे छानते हैं. (९)

EN English Translation

After squeezing someras, the host praises with holy prayers and ties it in the stream and filters it. (9)

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