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5.4.5
आ पवस्व सहस्रिणँ रयिँ सोम सुवीर्यम् । अस्मे श्रवाँसि धारय ॥ (५)
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सामवेद मन्त्र 5.4.5 का विस्तृत भावार्थ एवं वैदिक रहस्य
हि हिन्दी अनुवाद (Hindi Translation)
हे सोम! आप हजारों प्रकार के श्रेष्ठ धन व अन्न हमें प्रदान कीजिए. (५)
EN English Translation
O Mon! You give us thousands of best money and food. (5)