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सामवेद

Chapter / Prapathak 5 • Dashati / Sukta 4 • Mantra 9

Samaveda (सामवेद)

सामवेद • प्रपाठक / अध्याय 5 • दशती / सूक्त 4 • मन्त्र 9

5.4.9

Mantra ID: 5.4.9

इषे पवस्व धारया मृज्यमानो मनीषिभिः । इन्दो रुचाभि गा इहि ॥ (९)

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सामवेद मन्त्र 5.4.9 का विस्तृत भावार्थ एवं वैदिक रहस्य

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हि हिन्दी अनुवाद (Hindi Translation)

हे सोम! विद्वान्‌ यजमान आप को निचोड़ते व छाननते हैं. हमें अन्न रस प्राप्त कराने के लिए आप धारा के रूप में छनते हुए कलश में पधारिए. आप गौ आदि पशुओं को प्राप्त होइए. (९)

EN English Translation

O Mon! The learned host squeezes and filters you. To get us food juice, you come to the urn filtered in the form of a stream. You get cows etc. animals. (9)

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