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सामवेद

Chapter / Prapathak 5 • Dashati / Sukta 7 • Mantra 11

Samaveda (सामवेद)

सामवेद • प्रपाठक / अध्याय 5 • दशती / सूक्त 7 • मन्त्र 11

5.7.11

Mantra ID: 5.7.11

असर्जि वक्वा रथ्ये यथाजौ धिया मनोता प्रथमा मनीष । दश स्वसारो अधि सानो अव्ये मृजन्ति वह्निँ सदनेष्वच्छ ॥ (११)

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सामवेद मन्त्र 5.7.11 का विस्तृत भावार्थ एवं वैदिक रहस्य

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हि हिन्दी अनुवाद (Hindi Translation)

जिस प्रकार युद्धों में घोड़े भेजे जाते हैं, वैसे ही सोमरस में जल भेजा (मिलाया) जाता है. दसों अंगुलियां सोम को भेड़ के बालों से बनी छलनी में छानती हैं. यह सोम सभी को श्रेष्ठ धन प्रदान कराता है. (११)

EN English Translation

Just as horses are sent in wars, water is sent (mixed) in Someras. Ten fingers filter Som in a sieve made of sheep's hair. This Som provides the best wealth to everyone. (11)

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