Popular:
सामवेद

Chapter / Prapathak 5 • Dashati / Sukta 8 • Mantra 6

Samaveda (सामवेद)

सामवेद • प्रपाठक / अध्याय 5 • दशती / सूक्त 8 • मन्त्र 6

5.8.6

Mantra ID: 5.8.6

अभी नवन्ते अद्रुहः प्रियमिन्द्रस्य काम्यम् । वत्सं न पूर्व आयुनि जातँ रिहन्ति मातरः ॥ (६)

卐

HinduText AI से इस वैदिक मन्त्र का अर्थ समझें

सामवेद मन्त्र 5.8.6 का विस्तृत भावार्थ एवं वैदिक रहस्य

卐 AI से समझें

हि हिन्दी अनुवाद (Hindi Translation)

गाएं जैसे बछड़ों को चाटती हैं, वैसे ही जल सोमरस में मिलते हैं. वे किसी प्रकार का विद्रोह नहीं करते. वे इंद्र को चाहने वाले सोमरस में मिल जाते हैं. (६)

EN English Translation

Just as cows lick calves, water is found in someras. They do not revolt in any way. They join Someras, who loves Indra. (6)

卐 HinduText AI