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सामवेद

Chapter / Prapathak 5 • Dashati / Sukta 9 • Mantra 7

Samaveda (सामवेद)

सामवेद • प्रपाठक / अध्याय 5 • दशती / सूक्त 9 • मन्त्र 7

5.9.7

Mantra ID: 5.9.7

त्रिरस्मै सप्त धेनवो दुदुह्रिरे सत्यामाशिरं परमे व्योमनि । चत्वार्यन्या भुवनानि निर्णिजे चारूणि चक्रे यदृतैरवर्धत ॥ (७)

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सामवेद मन्त्र 5.9.7 का विस्तृत भावार्थ एवं वैदिक रहस्य

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हि हिन्दी अनुवाद (Hindi Translation)

सोम श्रेष्ठ यज्ञ में निवास करने वाले हैं. इन के लिए इक्कीस गाएं नियमित रूप से शुद्ध दूध देती हैं. चारों लोकों के जल, शुद्ध दूध होने के लिए कल्याणकारी रूप से बहते हैं. (७)

EN English Translation

Som is going to reside in the best yajna. Twenty-one cows regularly give pure milk for these. The waters of the four worlds flow welfarely to be pure milk. (7)

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