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सामवेद

Chapter / Prapathak 6 • Dashati / Sukta 1 • Mantra 9

Samaveda (सामवेद)

सामवेद • प्रपाठक / अध्याय 6 • दशती / सूक्त 1 • मन्त्र 9

6.1.9

Mantra ID: 6.1.9

अहमस्मि प्रथमजा ऋतस्य पूर्वं देवेभ्यो अमृतस्य नाम । यो मा ददाति स इदेवमावदहमन्नमन्नमदन्तमद्मि ॥ (९)

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सामवेद मन्त्र 6.1.9 का विस्तृत भावार्थ एवं वैदिक रहस्य

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हि हिन्दी अनुवाद (Hindi Translation)

मैं (अन्न) सभी देवताओं से पहले उत्पन्न हुआ हूं. मैं विनाशरहित हूं. जो व्यक्ति अच्छे पात्र को मेरा दान करता है, वह सब का कल्याण करता है. जो किसी को दान नहीं करता है, अकेला ही अन्न खाता है, उसे मैं समाप्त कर देता हूं. (९)

EN English Translation

I (food) was born before all gods. I am without destruction. The person who donates me to the good character, he does the welfare of everyone. I end the one who does not donate to anyone, eats food alone. (9)

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