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सामवेद

Chapter / Prapathak 9 • Dashati / Sukta 2 • Mantra 7

Samaveda (सामवेद)

सामवेद • प्रपाठक / अध्याय 9 • दशती / सूक्त 2 • मन्त्र 7

9.2.7

Mantra ID: 9.2.7

इन्द्रमिद्गाथिनो बृहदिन्द्रमर्केभिरर्किणः । इन्द्रं वाणीरनूषत ॥ (७)

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सामवेद मन्त्र 9.2.7 का विस्तृत भावार्थ एवं वैदिक रहस्य

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हि हिन्दी अनुवाद (Hindi Translation)

साम गाने वाले पुरोहितों ने बृहत्साम गा कर इंद्र की स्तुति की. यजमानों ने भी मंत्र गा कर इंद्र की स्तुति की. शेष बचे हुए लोगों ने भी वाणी से इंद्र की स्तुति की. (७)

EN English Translation

The priests who sang sama praised Indra by singing brihatsam, the hosts also praised Indra by singing mantras.

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