Popular:

केनोपनिषद् • खण्ड 3, मन्त्र 4

Kena Upanishad • सामवेद (Samaveda - Talavakara Brahmana)

केनोपनिषद् • खण्ड 3 • मन्त्र 4

Kena Upanishad 3.4

Mantra: 3.4 [Kenopanishad_3.4]

तदभ्यद्रवत्तमभ्यवदत्कोऽसीत्यग्निर्वा अहमस्मीत्यब्रवीज्जातवेदा वा अहमस्मीति ॥ ४॥

卐

HinduText AI से इस उपनिषद मन्त्र का ब्रह्मज्ञान समझें

उपनिषद मन्त्र संख्या 4 का आध्यात्मिक रहस्य

卐 AI से समझें

हि हिन्दी अनुवाद (Hindi Translation)

तब दौड़ कर अग्नि यक्षरूपी ब्रह्म के पास पहुंचे, यक्ष ने अग्नि से पूछा कि तू कौन है ? वह बोला-मैं अग्नि हूँ, मैं निश्चय ही जातवेदा हूँ। ॥४॥
卐 HinduText AI