Popular:

केनोपनिषद् • खण्ड 4, मन्त्र 1

Kena Upanishad • सामवेद (Samaveda - Talavakara Brahmana)

केनोपनिषद् • खण्ड 4 • मन्त्र 1

Kena Upanishad 4.1

Mantra: 4.1 [Kenopanishad_4.1]

सा ब्रह्मेति होवाच ब्रह्मणो वा एतद्विजये महीयध्वमिति ततो हैव विदाञ्चकार ब्रह्मेति ॥ १॥

卐

HinduText AI से इस उपनिषद मन्त्र का ब्रह्मज्ञान समझें

उपनिषद मन्त्र संख्या 1 का आध्यात्मिक रहस्य

卐 AI से समझें

हि हिन्दी अनुवाद (Hindi Translation)

वह ब्रह्मविद्या देवी उमा इन्द्र से बोली: यह ब्रह्म है और ब्रह्म की इस विजय में ही तुम महिमा युक्त बने हो, अर्थात् देवताओं ने केवल उन्ही की शक्ति से महिमा प्राप्त की है –उमा के इस कथन से ही इन्द्र ने जाना कि यही ब्रह्म है। ॥१॥
卐 HinduText AI