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17.24
विश्व॑कर्मन् ह॒विषा॒ वर्द्ध॑नेन त्रा॒तार॒मिन्द्र॑मकृणोरव॒ध्यम् । तस्मै॒ विशः॒ सम॑नमन्त पू॒र्वीर॒यमु॒ग्रो वि॒हव्यो॒ यथास॑त् ॥ (२४)
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यजुर्वेद मन्त्र 17.24 का विस्तृत भावार्थ एवं वैदिक रहस्य
हि हिन्दी अनुवाद (Hindi Translation)
आप विशव के रचयिता हैं. आप ने हवियों से इंद्र देव की बढ़ोतरी की. आप ने इंद्र देव को संसार का रक्षक बनाया. आप ने इंद्र देव को अवध्य बनाया. इंद्र देव को मन से नमस्कार करते हैं. हम उन्हें नम कर (झुक कर) नमस्कार करते है. इंद्र देव अपूर्व, उग्र और सर्वसमर्थ हैं. (२४)
EN English Translation
You are the creator of the world. You increased Indra Dev from the hives. You made Indra Dev a period. Indra greets Dev with his heart. We greet them by moistening them. Indra Dev is unique, fierce and all-powerful. (24)