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यजुर्वेद

Adhyaya 23 • Mantra 37

Yajurveda (यजुर्वेद)

यजुर्वेद • अध्याय 23 • मन्त्र 37

23.37

Mantra ID: 23.37

र॒ज॒ता हरि॑णीः॒ सीसा॒ युजो॑ युज्यन्ते॒ कर्म॑भिः । अश्व॑स्य वा॒जिन॑स्त्व॒चि सिमाः॑ शम्यन्तु॒ शम्य॑न्तीः ॥ (३७)

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यजुर्वेद मन्त्र 23.37 का विस्तृत भावार्थ एवं वैदिक रहस्य

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हि हिन्दी अनुवाद (Hindi Translation)

चांदी, सीसा और सोना विधिविधानपूर्वक यज्ञ में जोड़ा जाता है. वे इस यज्ञ की सम्यक्‌ रूप से रक्षा करें. वे इस यज्ञ की अग्नि को सम्यक्‌ रूप से शांत करने की कृपा करें. (३७)

EN English Translation

Silver, lead and gold are legally added to the yajna. They should properly protect this yajna. May they please calm the agni of this yajna properly. (37)

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