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23.60
वेदा॒हम॒स्य भुव॑नस्य॒ नाभिं॒ वेद॒ द्यावा॑पृथि॒वीऽअ॒न्तरि॑क्षम् । वेद॒ सूर्य॑स्य बृह॒तो ज॒नित्र॒मथो॑ वेद च॒न्द्रम॑सं यतो॒जाः ॥ (६०)
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यजुर्वेद मन्त्र 23.60 का विस्तृत भावार्थ एवं वैदिक रहस्य
हि हिन्दी अनुवाद (Hindi Translation)
मैं (परमात्मा) इस लोक की नाभि को जानता हूं. मैं स्वर्गलोक को जानता हूं. मैं अंतरिक्षलोक को जानता हूं. मैं सूर्य व चंद्र देव की उत्पत्ति को जानता हूं. (६०)
EN English Translation
I (God) know the navel of this world. I know heaven. I know space. I know the origin of sun and moon god. (60)