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यजुर्वेद

Adhyaya 33 • Mantra 26

Yajurveda (यजुर्वेद)

यजुर्वेद • अध्याय 33 • मन्त्र 26

33.26

Mantra ID: 33.26

इन्द्रो॑ वृ॒त्रम॑वृणो॒च्छर्द्ध॑नीतिः॒ प्र मा॒यिना॑ममिना॒द्वर्प॑णीतिः । अह॒न् व्यꣳसमु॒शध॒ग्वने॑ष्वा॒विर्धेना॑ऽअकृणोद्रा॒म्याणा॑म् ॥ (२६)

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यजुर्वेद मन्त्र 33.26 का विस्तृत भावार्थ एवं वैदिक रहस्य

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हि हिन्दी अनुवाद (Hindi Translation)

हे इंद्र देव! आप वृत्रासुर, मायावी राक्षसों व दुष्टों का दलन करने वाले हैं. आप आह्लादक और हमारी स्तुतियों को प्रकट करते हैं. (२६)

EN English Translation

O Indra Dev! You are going to crush Vritrasura, the elusive demons and the wicked. You express your heart and our praises. (26)

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