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अथर्ववेद

Kanda 11 • Sukta 8 • Mantra 1

Atharvaveda (अथर्ववेद)

अथर्ववेद • काण्ड 11 • सूक्त 8 • मन्त्र 1

11.8.1

Mantra ID: 11.8.1

अ॒ग्निं ब्रू॑मो॒ वन॒स्पती॒नोष॑धीरु॒त वी॒रुधः॑ । इन्द्रं॒ बृह॒स्पतिं॒ सूर्यं॒ ते नो॑ मुञ्च॒न्त्वंह॑सः ॥ (१)

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अथर्ववेद मन्त्र 11.8.1 का विस्तृत भावार्थ एवं वैदिक रहस्य

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हि हिन्दी अनुवाद (Hindi Translation)

हम अग्नि की, वनस्पतियों की, जड़ीबूटियों और फसलों की, वृक्षों की, इंद्र की, बृहस्पति की तथा सूर्य की स्तुति करते हैं. वे हमें सभी पापों से मुक्त करें. (१)

EN English Translation

We praise agni, vegetation, herbs and crops, trees, Indra, Jupiter and sun. May they free us from all sins. (1)

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