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अथर्ववेद

Kanda 12 • Sukta 1 • Mantra 30

Atharvaveda (अथर्ववेद)

अथर्ववेद • काण्ड 12 • सूक्त 1 • मन्त्र 30

12.1.30

Mantra ID: 12.1.30

शु॒द्धा न॒ आप॑स्त॒न्वे क्षरन्तु॒ यो नः॒ सेदु॒रप्रि॑ये॒ तं नि द॑ध्मः । प॒वित्रे॑ण पृथिवि॒ मोत्पु॑नामि ॥ (३०)

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अथर्ववेद मन्त्र 12.1.30 का विस्तृत भावार्थ एवं वैदिक रहस्य

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हि हिन्दी अनुवाद (Hindi Translation)

पवित्र जल हमारी देह को सींचे. हमारे शरीर पर हो कर जाने वाले जल शत्रु को प्राप्त हों. हे पृथ्वी! मैं अपनी देह को पवित्र जल के द्वारा पवित्र करता हूं. (३०)

EN English Translation

May holy water water water our bodies. The water that goes on our body should be received by the enemy. O earth! I sanctify my body with holy water. (30)

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