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13.1.32
उ॒द्यंस्त्वं दे॑व सूर्य स॒पत्ना॒नव॑ मे जहि । अवै॑ना॒नश्म॑ना जहि॒ ते य॑न्त्वध॒मं तमः॑ ॥ (३२)
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अथर्ववेद मन्त्र 13.1.32 का विस्तृत भावार्थ एवं वैदिक रहस्य
हि हिन्दी अनुवाद (Hindi Translation)
हे उदय होते हुए सूर्य! तुम मेरे शत्रुओं का वध करो. तुम इन्हें पत्थरों से मार डालो. मेरे शत्रु मृत्यु के समान घोर अंधकार को प्राप्त हों. (३२)
EN English Translation
O rising sun! You kill my enemies. You kill them with stones. May my enemies attain darkness as much as death. (32)