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अथर्ववेद

Kanda 14 • Sukta 1 • Mantra 30

Atharvaveda (अथर्ववेद)

अथर्ववेद • काण्ड 14 • सूक्त 1 • मन्त्र 30

14.1.30

Mantra ID: 14.1.30

स इत्तत्स्यो॒नंह॑रति ब्र॒ह्मा वासः॑ सुम॒ङ्गल॑म् । प्राय॑श्चित्तिं॒ यो अ॒ध्येति॒ येन॑ जा॒या नरिष्य॑ति ॥ (३०)

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अथर्ववेद मन्त्र 14.1.30 का विस्तृत भावार्थ एवं वैदिक रहस्य

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हि हिन्दी अनुवाद (Hindi Translation)

जिस वस्त्र से प्रायश्चित्त होता है अर्थात्‌ चित्‌ की शुद्धि होती है तथा जिस के कारण पत्नी मरण को प्राप्त नहीं होती है, उस कल्याणकारी वस्त्र को ब्रह्मा धारण करता है. (३०)

EN English Translation

Brahma wears the welfare cloth from which atonement is done, that is, the chit is purified and due to which the wife does not attain death. (30)

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