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अथर्ववेद

Kanda 15 • Sukta 6 • Mantra 2

Atharvaveda (अथर्ववेद)

अथर्ववेद • काण्ड 15 • सूक्त 6 • मन्त्र 2

15.6.2

Mantra ID: 15.6.2

तंभूमि॑श्चा॒ग्निश्चौष॑धयश्च॒ वन॒स्पत॑यश्च वानस्प॒त्याश्च॑वी॒रुध॑श्चानु॒व्यचलन् ॥ (२)

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अथर्ववेद मन्त्र 15.6.2 का विस्तृत भावार्थ एवं वैदिक रहस्य

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हि हिन्दी अनुवाद (Hindi Translation)

पृथ्वी, अग्नि, ओषधि, वनस्पति तथा ओषधियां उस के पीछे चले. (२)

EN English Translation

Earth, agni, medicine, vegetation and medicine followed him. (2)

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