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अथर्ववेद

Kanda 18 • Sukta 2 • Mantra 11

Atharvaveda (अथर्ववेद)

अथर्ववेद • काण्ड 18 • सूक्त 2 • मन्त्र 11

18.2.11

Mantra ID: 18.2.11

अति॑ द्रव॒श्वानौ॑ सारमे॒यौ च॑तुर॒क्षौ श॒बलौ॑ सा॒धुना॑ प॒था । अधा॑पि॒तॄन्त्सु॑वि॒दत्राँ॒ अपी॑हि य॒मेन॒ ये स॑ध॒मादं॒ मद॑न्ति ॥ (११)

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अथर्ववेद मन्त्र 18.2.11 का विस्तृत भावार्थ एवं वैदिक रहस्य

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हि हिन्दी अनुवाद (Hindi Translation)

हे प्रेत! तू पितृलोक को जाने वाला है. तू सरमा नाम की देवों की कुतिया के श्याम और शबल नाम वाले दोनों पुत्रों के साथ प्रसन्न रहने वाले एवं हव्य संपन्न पितरों के पास पहुंचे. (११)

EN English Translation

O ghost! You are going to go to the fatherland. You reached the happy and happy fathers with both the sons named Shyam and Shabal of the bitch of gods named Sarma. (11)

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