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18.4.31
ए॒तत्ते॑ दे॒वःस॑वि॒ता वासो॑ ददाति॒ भर्त॑वे । तत्त्वं॑ य॒मस्य॒ राज्ये॒ वसा॑नस्ता॒र्प्यं चर ॥ (३१)
HinduText AI से इस वैदिक मन्त्र का अर्थ समझें
अथर्ववेद मन्त्र 18.4.31 का विस्तृत भावार्थ एवं वैदिक रहस्य
हि हिन्दी अनुवाद (Hindi Translation)
हे पुरुष! सवितादेव तुझे पहनने के लिए यह वस्त्र प्रदान करते हैं. तू इस तृप्ति देने वाले वस्त्र को पहन कर यम के राज्य में विचरण कर. (३१)
EN English Translation
O man! Savitadev offers you this cloth to wear. Wear this satisfying cloth and roam in the kingdom of Yama. (31)