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अथर्ववेद

Kanda 19 • Sukta 24 • Mantra 1

Atharvaveda (अथर्ववेद)

अथर्ववेद • काण्ड 19 • सूक्त 24 • मन्त्र 1

19.24.1

Mantra ID: 19.24.1

येन॑ दे॒वं स॑वि॒तारं॒ परि॑ दे॒वा अधा॑रयन् । तेने॒मं ब्र॑ह्मणस्पते॒ परि॑ रा॒ष्ट्राय॑ धत्तन ॥ (१)

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अथर्ववेद मन्त्र 19.24.1 का विस्तृत भावार्थ एवं वैदिक रहस्य

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हि हिन्दी अनुवाद (Hindi Translation)

इंद्र आदि देवों ने सब के प्रेरक आदि देव को जिस कारण चारों ओर से घेर लिया था. उस कारण से हे शत्रु विनाशकर्ता ब्रह्मणस्पति! महा शांति का प्रयोग करने वाले इस यजमान को राजा बनाओ. (१)

EN English Translation

Indra adi devs surrounded adi dev, the motivator of all, due to which. For that reason, O enemy destroyer Brahmanaspati! Make this host who uses great peace a king. (1)

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