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अथर्ववेद

Kanda 20 • Sukta 68 • Mantra 10

Atharvaveda (अथर्ववेद)

अथर्ववेद • काण्ड 20 • सूक्त 68 • मन्त्र 10

20.68.10

Mantra ID: 20.68.10

यो रा॒यो॒ऽवनि॑र्म॒हान्त्सु॑पा॒रः सु॑न्व॒तः सखा॑ । तस्मा॒ इन्द्रा॑य गायत ॥ (१०)

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अथर्ववेद मन्त्र 20.68.10 का विस्तृत भावार्थ एवं वैदिक रहस्य

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हि हिन्दी अनुवाद (Hindi Translation)

इंद्र धन प्रदान करने वाले एवं धन के रक्षक हैं. इंद्र उस के लिए मित्र के समान हैं जो सोमरस तैयार करता है. हे स्तोताओ! तुम इंद्र की स्तुति करो. (१०)

EN English Translation

Indra is the giver of wealth and the protector of wealth. Indra is like a friend to the one who prepares somers. O Stotao! You praise Indra. (10)

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