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अथर्ववेद

Kanda 20 • Sukta 68 • Mantra 9

Atharvaveda (अथर्ववेद)

अथर्ववेद • काण्ड 20 • सूक्त 68 • मन्त्र 9

20.68.9

Mantra ID: 20.68.9

तं त्वा॒ वाजे॑षु वा॒जिनं॑ वा॒जया॑मः शतक्रतो । धना॑नामिन्द्र सा॒तये॑ ॥ (९)

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अथर्ववेद मन्त्र 20.68.9 का विस्तृत भावार्थ एवं वैदिक रहस्य

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हि हिन्दी अनुवाद (Hindi Translation)

हे इंद्र! तुम सैकड़ों कर्म करने वाले हो! हम हवियों के द्वारा तुम्हारी पूजा करते हैं और धन पाने के लिए तुम्हें अपने यज्ञ में बुलाते हैं. (९)

EN English Translation

O Indra! You're going to do hundreds of things! We worship you through the hawks and invite you to our yagna to gain wealth. (9)

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