Popular:
अथर्ववेद

Kanda 20 • Sukta 78 • Mantra 1

Atharvaveda (अथर्ववेद)

अथर्ववेद • काण्ड 20 • सूक्त 78 • मन्त्र 1

20.78.1

Mantra ID: 20.78.1

तद्वो॑ गाय सु॒ते सचा॑ पुरुहू॒ताय॒ सत्व॑ने । शं यद्गवे॒ न शा॒किने॑ ॥ (१)

卐

HinduText AI से इस वैदिक मन्त्र का अर्थ समझें

अथर्ववेद मन्त्र 20.78.1 का विस्तृत भावार्थ एवं वैदिक रहस्य

卐 AI से समझें

हि हिन्दी अनुवाद (Hindi Translation)

हे स्तोता! सोमरस का संस्कार हो जाने पर इंद्र देव की स्तुति करो, जिस से वे हम सोमरस देने वालों के लिए गौ के समान कल्याणकारी हों. (१)

EN English Translation

This hymn! When Someras is cremated, praise Indra Dev, so that he is as welfare as a cow for us Somaras givers. (1)

卐 HinduText AI