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अथर्ववेद

Kanda 20 • Sukta 86 • Mantra 1

Atharvaveda (अथर्ववेद)

अथर्ववेद • काण्ड 20 • सूक्त 86 • मन्त्र 1

20.86.1

Mantra ID: 20.86.1

ब्रह्म॑णा ते ब्रह्म॒युजा॑ युनज्मि॒ हरी॒ सखा॑या सध॒माद॑ आ॒शू । स्थि॒रं रथं॑ सु॒खमि॑न्द्राधि॒तिष्ठ॑न्प्रजा॒नन्वि॒द्वाँ उप॑ याहि॒ सोम॑म् ॥ (१)

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अथर्ववेद मन्त्र 20.86.1 का विस्तृत भावार्थ एवं वैदिक रहस्य

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हि हिन्दी अनुवाद (Hindi Translation)

हे इंद्र! मैं कर्मवान मंत्रों के द्वारा तुम्हारे रथ में अश्वों को जोड़ता हूं. हे विद्वान्‌ इंद्र! इस सुखदायक रथ पर चढ़ कर तुम हमारे इस सोमरस के पास आओ. (१)

EN English Translation

O Indra! I add horses to your chariot through karmavan mantras. O learned Indra! By climbing this soothing chariot, you come to this Somers of ours. (1)

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