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अथर्ववेद

Kanda 5 • Sukta 19 • Mantra 2

Atharvaveda (अथर्ववेद)

अथर्ववेद • काण्ड 5 • सूक्त 19 • मन्त्र 2

5.19.2

Mantra ID: 5.19.2

ये बृ॒हत्सा॑मानमाङ्गिर॒समार्प॑यन्ब्राह्म॒णं जनाः॑ । पेत्व॒स्तेषा॑मुभ॒याद॒मवि॑स्तो॒कान्या॑वयत् ॥ (२)

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अथर्ववेद मन्त्र 5.19.2 का विस्तृत भावार्थ एवं वैदिक रहस्य

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हि हिन्दी अनुवाद (Hindi Translation)

जिन लोगों ने बृहत्‌ साम वाले अंगिरा गोत्री ब्राह्मणों को आपत्तियों और विपत्तियों से ढक दिया था, ब्रह्मा ने उन्हें ऐसा पुत्र दिया जो उन्हें नष्ट करने वाला था. देवों ने उन की संतान को दूर फेंक दिया. (२)

EN English Translation

Those who had covered the Angira gotri Brahmins with great sama with objections and plagues, Brahma gave them a son who was going to destroy them. The devas threw away their children. (2)

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