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अथर्ववेद

Kanda 5 • Sukta 31 • Mantra 3

Atharvaveda (अथर्ववेद)

अथर्ववेद • काण्ड 5 • सूक्त 31 • मन्त्र 3

5.31.3

Mantra ID: 5.31.3

यां ते॑ च॒क्रुरेक॑शफे पशू॒नामु॑भ॒याद॑ति । ग॑र्द॒भे कृ॒त्यां यां च॒क्रुः पुनः॒ प्रति॑ हरामि॒ ताम् ॥ (३)

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अथर्ववेद मन्त्र 5.31.3 का विस्तृत भावार्थ एवं वैदिक रहस्य

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हि हिन्दी अनुवाद (Hindi Translation)

हे कृत्या! अभिचारकर्ता ने तुझे एक शाफ अर्थात्‌ टाप वाले और दोनों ओर दांतों वाले (घोड़े या गधे) पशु पर स्थित किया है. हम तुझे उसी की ओर लौटाते हैं, जिस ने अभिचार कर के तुझे भेजा है. (३)

EN English Translation

O act! The agent has placed you on a schaaf i.e. topped and toothed (horse or donkey) animal on either side. We return you to him who sent you. (3)

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