Atharvaveda Quick Jump
Navigate to any Kanda or Mantra
8.7.21
उज्जि॑हीध्वे स्त॒नय॑त्यभि॒क्रन्द॑त्योषधीः । य॒दा वः॑ पृश्निमातरः प॒र्जन्यो॒ रेत॒साव॑ति ॥ (२१)
HinduText AI से इस वैदिक मन्त्र का अर्थ समझें
अथर्ववेद मन्त्र 8.7.21 का विस्तृत भावार्थ एवं वैदिक रहस्य
हि हिन्दी अनुवाद (Hindi Translation)
जड़ीबूटियां बिजली की कड़क से और बादलों के गर्जन से जीवित रहती हैं. वायु और मेघ वर्षा रूपी जीवन से जड़ीबूटियों की रक्षा करते हैं. (२१)
EN English Translation
Herbs survive by lightning and thunder of clouds. Air and cloud protect herbs from rain-like life. (21)