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अथर्ववेद

Kanda 9 • Sukta 13 • Mantra 3

Atharvaveda (अथर्ववेद)

अथर्ववेद • काण्ड 9 • सूक्त 13 • मन्त्र 3

9.13.3

Mantra ID: 9.13.3

यस्य॑ हे॒तोः प्र॒च्यव॑ते॒ यक्ष्मः॑ कर्ण॒त आ॑स्य॒तः । सर्वं॑ शीर्ष॒र्ण्यं ते॒ रोगं॑ ब॒हिर्निर्म॑न्त्रयामहे ॥ (३)

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अथर्ववेद मन्त्र 9.13.3 का विस्तृत भावार्थ एवं वैदिक रहस्य

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हि हिन्दी अनुवाद (Hindi Translation)

जिस सिर रोग के कारण यक्ष्मा रोग, कानों और मुख से प्रकाश में आता है, हम तेरे उस सिर रोग को पूर्णतया बाहर निकालते हैं. (३)

EN English Translation

Due to the head disease, tuberculosis comes to light from the ears and mouth, we completely remove that head disease of yours. (3)

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