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अथर्ववेद

Kanda 9 • Sukta 14 • Mantra 19

Atharvaveda (अथर्ववेद)

अथर्ववेद • काण्ड 9 • सूक्त 14 • मन्त्र 19

9.14.19

Mantra ID: 9.14.19

ये अ॒र्वाञ्च॒स्ताँ उ॑ परा॑च आहु॒र्ये परा॑ञ्च॒स्ताँ उ॑ अ॒र्वाच॑ आहुः । इन्द्र॑श्च॒ या च॒क्रथुः॑ सोम॒ तानि॑ धु॒रा न यु॒क्ता रज॑सो वहन्ति ॥ (१९)

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अथर्ववेद मन्त्र 9.14.19 का विस्तृत भावार्थ एवं वैदिक रहस्य

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हि हिन्दी अनुवाद (Hindi Translation)

जो नवीन हैं, वे प्राचीन के विषय में बताते हैं और जो प्राचीन हैं, वे नवीनों का परिचय देते हैं. हे सोम! तुम और सोम जिन्हें स्थापित करते हैं, वे लोक को धारण करने में समर्थ बनते हैं. (१९)

EN English Translation

Those who are innovative tell about the ancient and those who are ancient, they introduce the new. O Mon! Those whom you and Soma establish are able to hold the world. (19)

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