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अथर्ववेद

Kanda 9 • Sukta 2 • Mantra 10

Atharvaveda (अथर्ववेद)

अथर्ववेद • काण्ड 9 • सूक्त 2 • मन्त्र 10

9.2.10

Mantra ID: 9.2.10

ज॒हि त्वं का॑म॒ मम॒ ये स॒पत्ना॑ अ॒न्धा तमां॒स्यव॑ पादयैनान् । निरि॑न्द्रिया अर॒साः स॑न्तु॒ सर्वे॒ मा ते जी॑विषुः कत॒मच्च॒नाहः॑ ॥ (१०)

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अथर्ववेद मन्त्र 9.2.10 का विस्तृत भावार्थ एवं वैदिक रहस्य

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हि हिन्दी अनुवाद (Hindi Translation)

हे कामदेव! लुम मेरे शत्रुओं का संहार करो तथा उन्हें घने अंधकार में गिराओ. वे सब इंद्रिय रहित एवं शक्तिहीन हो जाएं तथा वे कुछ ही दिन जीवित रहें. (१०)

EN English Translation

O Cupid! Lum kill my enemies and drop them into the thick darkness. They should all become senseless and powerless and they should live only for a few days. (10)

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