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9.2.11
अव॑धी॒त्कामो॒ मम॒ ये स॒पत्ना॑ उ॒रुं लो॒कम॑कर॒न्मह्य॑मेध॒तुम् । मह्यं॑ नमन्तां प्र॒दिश॒श्चत॑स्रो॒ मह्यं॒ षडु॒र्वीर्घृ॒तमा व॑हन्तु ॥ (११)
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अथर्ववेद मन्त्र 9.2.11 का विस्तृत भावार्थ एवं वैदिक रहस्य
हि हिन्दी अनुवाद (Hindi Translation)
कामदेव ने मेरे शत्रुओं का विनाश कर डाला तथा मेरी वृद्धि के लिए उस ने महान लोक का निर्माण किया. चारों दिशाओं के प्राणी मुझे नमस्कार करें तथा छः पृथ्वियां मेरे लिए घृत प्रदान करें. (११)
EN English Translation
Cupid destroyed my enemies and created great people for my growth. Let the creatures of all four directions greet me and give six earths for me. (11)