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2.17.9
नू॒नं सा ते॒ प्रति॒ वरं॑ जरि॒त्रे दु॑ही॒यदि॑न्द्र॒ दक्षि॑णा म॒घोनी॑ । शिक्षा॑ स्तो॒तृभ्यो॒ माति॑ ध॒ग्भगो॑ नो बृ॒हद्व॑देम वि॒दथे॑ सु॒वीराः॑ ॥ (९)
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ऋग्वेद मन्त्र 2.17.9 का विस्तृत भावार्थ एवं वैदिक रहस्य
हि हिन्दी अनुवाद (Hindi Translation)
हे इंद्र! जो धनसंपन्न दक्षिणा स्तुतिकर्ता की अभिलाषा पूर्ण करती है, वह हमें प्रदान करो. हे भजनीय इंद्र! हम स्तोताओं को छोड़कर उसे अन्य किसी को मत देना. हम उत्तम पुत्र-पौत्रादि प्राप्त करके इस यज्ञ में तुम्हारी बहुत स्तुति करेंगे. (९)
EN English Translation
O Indra! Give us the rich south that fulfills the desire of the praiseor. O psalmist Indra! We don't give it to anyone else except the psalms. We will praise you a lot in this yajna by getting the best son and grandson. (9)