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ऋग्वेद

Mandal 2 • Sukta 34 • Mantra / Rik 9

Rigveda (ऋग्वेद)

ऋग्वेद • मण्डल 2 • सूक्त 34 • ऋचा / मन्त्र 9

2.34.9

Mantra ID: 2.34.9

यो नो॑ मरुतो वृ॒कता॑ति॒ मर्त्यो॑ रि॒पुर्द॒धे व॑सवो॒ रक्ष॑ता रि॒षः । व॒र्तय॑त॒ तपु॑षा च॒क्रिया॒भि तमव॑ रुद्रा अ॒शसो॑ हन्तना॒ वधः॑ ॥ (९)

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ऋग्वेद मन्त्र 2.34.9 का विस्तृत भावार्थ एवं वैदिक रहस्य

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हि हिन्दी अनुवाद (Hindi Translation)

हे मरुदगण एवं वसुओ! जो मनुष्य भेड़िए के समान हमसे शत्रुता रखता है, उस हिंसा करने वाले से हमारी रक्षा करो. हे रुद्रपुत्रो! हमारे शत्रु को दुःख देकर सृष्टि से दूर भगाओ एवं उसके सभी आयुध दूर फेंक दो. (९)

EN English Translation

O deserters and vasuo! Protect us from the one who commits violence, who hates us like a wolf. O rudraputras! Drive away from creation by grieving our enemy and throw away all his weapons. (9)

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