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2.40.6
धियं॑ पू॒षा जि॑न्वतु विश्वमि॒न्वो र॒यिं सोमो॑ रयि॒पति॑र्दधातु । अव॑तु दे॒व्यदि॑तिरन॒र्वा बृ॒हद्व॑देम वि॒दथे॑ सु॒वीराः॑ ॥ (६)
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ऋग्वेद मन्त्र 2.40.6 का विस्तृत भावार्थ एवं वैदिक रहस्य
हि हिन्दी अनुवाद (Hindi Translation)
विश्व को प्रसन्न करने वाले पूषा हमारे कर्मो को पूर्ण करें. धन के स्वामी सोम हमें धन दें. विरोधरहित अदिति देवी हमारी रक्षा करें. उत्तम पुत्र-पौत्र प्राप्त करके हम इस यज्ञ में बहुत सी स्तुतियां बोलेंगे. (६)
EN English Translation
May the worshipers who please the world complete our deeds. Mon, the lord of wealth, give us wealth. Let the protestless Aditi Devi protect us. Having received the best son and grandson, we will speak many praises in this yajna. (6)