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ऋग्वेद

Mandal 4 • Sukta 30 • Mantra / Rik 14

Rigveda (ऋग्वेद)

ऋग्वेद • मण्डल 4 • सूक्त 30 • ऋचा / मन्त्र 14

4.30.14

Mantra ID: 4.30.14

उ॒त दा॒सं कौ॑लित॒रं बृ॑ह॒तः पर्व॑ता॒दधि॑ । अवा॑हन्निन्द्र॒ शम्ब॑रम् ॥ (१४)

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ऋग्वेद मन्त्र 4.30.14 का विस्तृत भावार्थ एवं वैदिक रहस्य

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हि हिन्दी अनुवाद (Hindi Translation)

हे इंद्र! तुमने कुलतर के पुत्र शंबर नामक दास को बृहत्‌ पर्वत पर अधोमुख कर मारा था. (१४)

EN English Translation

O Indra! You killed an enemy named Shambar, the son of the Kultar, by facing him down on the Great Mountain. (14)

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