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ऋग्वेद

Mandal 4 • Sukta 31 • Mantra / Rik 9

Rigveda (ऋग्वेद)

ऋग्वेद • मण्डल 4 • सूक्त 31 • ऋचा / मन्त्र 9

4.31.9

Mantra ID: 4.31.9

न॒हि ष्मा॑ ते श॒तं च॒न राधो॒ वर॑न्त आ॒मुरः॑ । न च्यौ॒त्नानि॑ करिष्य॒तः ॥ (९)

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ऋग्वेद मन्त्र 4.31.9 का विस्तृत भावार्थ एवं वैदिक रहस्य

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हि हिन्दी अनुवाद (Hindi Translation)

हे इंद्र! बाधक राक्षस तुम्हारी सैकड़ों संपत्तियों को नष्ट नहीं कर सकते. वे तुम्हारे शत्रुनाशक बल को भी नहीं रोक सकते. (९)

EN English Translation

O Indra! The hindering monsters can't destroy hundreds of your properties. They can't even stop your enemy force. (9)

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