Popular:
ऋग्वेद

Mandal 5 • Sukta 53 • Mantra / Rik 1

Rigveda (ऋग्वेद)

ऋग्वेद • मण्डल 5 • सूक्त 53 • ऋचा / मन्त्र 1

5.53.1

Mantra ID: 5.53.1

को वे॑द॒ जान॑मेषां॒ को वा॑ पु॒रा सु॒म्नेष्वा॑स म॒रुता॑म् । यद्यु॑यु॒ज्रे कि॑ला॒स्यः॑ ॥ (१)

卐

HinduText AI से इस वैदिक मन्त्र का अर्थ समझें

ऋग्वेद मन्त्र 5.53.1 का विस्तृत भावार्थ एवं वैदिक रहस्य

卐 AI से समझें

हि हिन्दी अनुवाद (Hindi Translation)

इन मरुतों का जन्म कौन जानता है? मरुतों का सुख सर्वप्रथम किसने अनुभव किया? जब इन्होंने रथ में पृश्नि को जोड़ा था, तब इनकी शक्ति किसने जानी? (१)

EN English Translation

Who knows the birth of these maruts? Who first experienced the happiness of the maruts? When they added the earth to the chariot, who knew their power? (1)

卐 HinduText AI