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ऋग्वेद

Mandal 5 • Sukta 53 • Mantra / Rik 2

Rigveda (ऋग्वेद)

ऋग्वेद • मण्डल 5 • सूक्त 53 • ऋचा / मन्त्र 2

5.53.2

Mantra ID: 5.53.2

ऐतान्रथे॑षु त॒स्थुषः॒ कः शु॑श्राव क॒था य॑युः । कस्मै॑ सस्रुः सु॒दासे॒ अन्वा॒पय॒ इळा॑भिर्वृ॒ष्टयः॑ स॒ह ॥ (२)

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ऋग्वेद मन्त्र 5.53.2 का विस्तृत भावार्थ एवं वैदिक रहस्य

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हि हिन्दी अनुवाद (Hindi Translation)

मरुतों को रथ पर बैठा हुआ किसने सुना था? इनके गमन का ढंग कौन जानता है? बंधुरूप एवं वर्षाकारक मरुद्गण अन्न लेकर किस दानशील के लिए अवतीर्ण होते हैं? (२)

EN English Translation

Who had heard the maruts sitting on the chariot? Who knows how they move? The brothers and rain-fed deserts descend to which charity with food? (2)

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