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ऋग्वेद

Mandal 5 • Sukta 61 • Mantra / Rik 16

Rigveda (ऋग्वेद)

ऋग्वेद • मण्डल 5 • सूक्त 61 • ऋचा / मन्त्र 16

5.61.16

Mantra ID: 5.61.16

ते नो॒ वसू॑नि॒ काम्या॑ पुरुश्च॒न्द्रा रि॑शादसः । आ य॑ज्ञियासो ववृत्तन ॥ (१६)

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ऋग्वेद मन्त्र 5.61.16 का विस्तृत भावार्थ एवं वैदिक रहस्य

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हि हिन्दी अनुवाद (Hindi Translation)

हे शत्रुनाशक, यज्ञ के पात्र एवं प्रमुदितकारक धन वाले मरुतो! तुम लोगों को मनचाहा धन दो. (१६)

EN English Translation

O enemies, the characters of yajna and the rich riches of the beloved, the marutos! Give you people the money you want. (16)

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