Rigveda Quick Jump
Navigate to any Mandal or Mantra / Rik
6.15.13
अ॒ग्निर्होता॑ गृ॒हप॑तिः॒ स राजा॒ विश्वा॑ वेद॒ जनि॑मा जा॒तवे॑दाः । दे॒वाना॑मु॒त यो मर्त्या॑नां॒ यजि॑ष्ठः॒ स प्र य॑जतामृ॒तावा॑ ॥ (१३)
HinduText AI से इस वैदिक मन्त्र का अर्थ समझें
ऋग्वेद मन्त्र 6.15.13 का विस्तृत भावार्थ एवं वैदिक रहस्य
हि हिन्दी अनुवाद (Hindi Translation)
देवों को बुलाने वाले, गृह के स्वामी, दीप्तिशाली एवं सबको जानने वाले अग्नि सभी जन्मधारियों को जानते हैं. देवों एवं मानवों में अतिशय यज्ञकर्ता एवं सत्यशील अग्नि उत्तमरूप से देवों का यजन करें. (१३)
EN English Translation
Those who call the gods, the masters of the house, the bright and the ones who know all, the agni knows all the birth-holders. In gods and human beings, the most sacrificial and truthful agni should best worship the gods. (13)