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6.31.3
त्वं कुत्से॑ना॒भि शुष्ण॑मिन्द्रा॒शुषं॑ युध्य॒ कुय॑वं॒ गवि॑ष्टौ । दश॑ प्रपि॒त्वे अध॒ सूर्य॑स्य मुषा॒यश्च॒क्रमवि॑वे॒ रपां॑सि ॥ (३)
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ऋग्वेद मन्त्र 6.31.3 का विस्तृत भावार्थ एवं वैदिक रहस्य
हि हिन्दी अनुवाद (Hindi Translation)
हे इंद्र! तुमने शुष्ण नामक प्रबल असुर के विरोध में कुत्स के साथ रहकर युद्ध किया था एवं संग्राम में कुयव का वध किया था. तुमने युद्ध में सूर्य के रथ का एक पहिया चुरा लिया था एवं पापकारी राक्षसों को इस संसार से भगा दिया था. (३)
EN English Translation
O Indra! You fought with the Kuts against the strong asura named Shushna and killed Kuyava in the battle. You stole a wheel of the sun's chariot in battle and drove the sinful demons out of this world. (3)