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ऋग्वेद

Mandal 6 • Sukta 48 • Mantra / Rik 12

Rigveda (ऋग्वेद)

ऋग्वेद • मण्डल 6 • सूक्त 48 • ऋचा / मन्त्र 12

6.48.12

Mantra ID: 6.48.12

या शर्धा॑य॒ मारु॑ताय॒ स्वभा॑नवे॒ श्रवोऽमृ॑त्यु॒ धुक्ष॑त । या मृ॑ळी॒के म॒रुतां॑ तु॒राणां॒ या सु॒म्नैरे॑व॒याव॑री ॥ (१२)

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ऋग्वेद मन्त्र 6.48.12 का विस्तृत भावार्थ एवं वैदिक रहस्य

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हि हिन्दी अनुवाद (Hindi Translation)

हे मित्रो! उस गाय के पास जाओ जो सहनशील, स्वाधीन, तेज एवं वेगशाली मरुतों को अमर बनाने के लिए दूधरूपी अन्न देती है एवं सुखकारक वर्षाजलों के साथ आती है. (१२)

EN English Translation

Oh, my friends! Go to the cow that gives milky food to immortalize the tolerant, independent, fast and fast maruts and comes with pleasing rainwaters. (12)

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