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6.48.13
भ॒रद्वा॑जा॒याव॑ धुक्षत द्वि॒ता । धे॒नुं च॑ वि॒श्वदो॑हस॒मिषं॑ च वि॒श्वभो॑जसम् ॥ (१३)
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ऋग्वेद मन्त्र 6.48.13 का विस्तृत भावार्थ एवं वैदिक रहस्य
हि हिन्दी अनुवाद (Hindi Translation)
हे मरुतो! तुम भरद्वाज के लिए दो प्रकार के सुख का प्रबंध करो. पर्याप्त दूध देने वाली गाय एवं सबके खाने योग्य अन्न दो. (१३)
EN English Translation
O Maruto! You manage two types of happiness for bhardwaj. Give the cow that gives enough milk and eatable food for everyone. (13)