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7.59.1
यं त्राय॑ध्व इ॒दमि॑दं॒ देवा॑सो॒ यं च॒ नय॑थ । तस्मा॑ अग्ने॒ वरु॑ण॒ मित्रार्य॑म॒न्मरु॑तः॒ शर्म॑ यच्छत ॥ (१)
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ऋग्वेद मन्त्र 7.59.1 का विस्तृत भावार्थ एवं वैदिक रहस्य
हि हिन्दी अनुवाद (Hindi Translation)
हे देवो! स्तोता को भय से बचाओ. हे मरुतो! तुम अग्नि, वरुण, मित्र और अर्यमा जिसे अच्छे मार्ग पर ले आते हो, उसे सुख दो. (१)
EN English Translation
Oh, God! Save the psalm from fear. O Maruto! Give joy to the agni, Varuna, the friend and the one whom you bring to the good path. (1)